
गुरु नानक चालीसा
दोहा
श्री गुरु नानक देव जी,
कृपा करो मुझपर,
चालीसा पाठ करूँ,
दूर करो संकट।
चालीसा
जय हो गुरु नानक, जगत के पालनहार।
अंधकार मिटाओ, प्रभु तुम हो अवतार।।
करो कृपा तुम मुझपर, साधक का उद्धार।
जो सुमिरन करे तुम्हारा, उसका हो कल्याण।।
जय हो गुरु नानक, सच्चा है तेरा नाम।
जो भी सुमिरे तुझे, हो जाए पूरण काम।।
तुमने हमें दिखाया, सच्चा धर्म का मार्ग।
गुरु ग्रंथ में मिलती, जीवन की हर बात।।
तेरी महिमा का वर्णन, कोई कर न सके।
जो भी भजे तुम्हें, भवसागर तर सके।।
सत्य की राह दिखाकर, तुमने हमें सिखाया।
प्रेम, सेवा, करुणा का, पाठ तुमने पढ़ाया।।
तेरे बिना प्रभु नानक, कौन है हमारा।
दया कर हमें सिखाओ, जीवन का सहारा।।
तुम हो करुणा के सागर, दया के हो धाम।
तुम्हारी ही शरण में, कट जाए सबके काम।।
जो भी चालीसा पढ़े, गुरु नानक का ध्यान।
उसके जीवन में आए, शांति और कल्याण।।
जय हो गुरु नानक, जगत के पालनहार।
अंधकार मिटाओ, प्रभु तुम हो अवतार।।
चालीसा पाठ करूँ, दूर करो संकट।
श्री गुरु नानक देव जी, कृपा करो मुझपर।।
