श्री सोमनाथ चालीसा | Shree Somnath Chalisa
श्री सोमनाथ चालीसा दोहा सोमनाथ प्रभु देव तुम, शिव शंकर भगवान।कृपा करो हे नाथ प्रभु, हर लो सकल अज्ञान॥ चौपाई […]
श्री सोमनाथ चालीसा दोहा सोमनाथ प्रभु देव तुम, शिव शंकर भगवान।कृपा करो हे नाथ प्रभु, हर लो सकल अज्ञान॥ चौपाई […]
श्री केदारनाथ चालीसा दोहा केदार गिरि के शिखर पर, विराजे नाथ महान।करहु कृपा हे शंभु शिव, दुखहारी भगवान॥ चौपाई जय
रुद्र चालीसा दोहा नमन शंभु रुद्र को, करूँ चरण अनुराग। करहु कृपा हे दीनदयाल, हरहु सकल भय भाज॥ चालीसा जय
अन्नपूर्णा चालीसा दोहा विश्वेश्वर-पदपद्म की, रज-निज शीश लगाय।अन्नपूर्णे! तव सुयश, बरनौं कवि-मति लाय॥ चौपाई नित्य आनंद करिणी माता।वर अरु अभय
श्री दंतेश्वरी चालीसा दोहा जय माँ दंतेश्वरी भवानी, दंतेवाड़ा धाम।भक्तन के संकट हरहु माँ, जपें तुम्हारा नाम॥ दीन-दुखी की आस
श्री कन्याकुमारी चालीसा दोहा जय श्री कन्याकुमारी, त्रिसमुद्र निवासिनी।बाणासुर संहारिणी, भवदुःख नाशिनी॥ कन्या रूप धरी जग में, भक्तन की त्राण।तारक
कात्यायनी चालीसा दोहा जय कात्यायनी माँ, जय महिषासुर मारिणी। सुर नर मुनि आराधित, जय मंगल करिणी॥ चौपाई जय जय अंबे
कुष्मांडा चालीसा दोहा माता कुष्मांडा की जय, करुणा की सागर। सुख-सम्पत्ति देने वाली, जय मां, जय अंबर॥ जयति जयति जगत
मां चंद्रघंटा चालीसा दोहा या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः।। चौपाई नमो नमो दुर्गे सुख करनी।
ब्रह्मचारिणी चालीसा कोटि कोटि नमन मेरे माता पिता को, जिसने दिया शरीर बलिहारी जाऊँ गुरू देव ने, दिया हरि भजन