सूर्य देव चालीसा | Surya Dev Chalisa
सूर्य देव चालीसा दोहा कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग, पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥ चौपाई […]
सूर्य देव चालीसा दोहा कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग, पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥ चौपाई […]
युगल किशोर चालीसा दोहा श्री राधा-कृष्ण चरण कमल, मन मंदिर में धाम।प्रेम भक्ति की ज्योति जले, जपते रहूँ हरि नाम॥
लक्ष्मी नारायण चालीसा दोहा श्री लक्ष्मी नारायण, चरण कमल मन धाम।करहु कृपा हे प्रभु सदा, जपत रहूँ तव नाम॥ मंगलमय
सती चालीसा दोहा श्री गुरु पद पंकज नमन। दूषित भाव सुधार।। राणी सती सुविमल यश। बरणौं मति अनुसार।। कामक्रोध मद
श्री ब्रह्मा चालीसा ॥ दोहा ॥जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू,चतुरानन सुखमूल।करहु कृपा निज दास पै,रहहु सदा अनुकूल॥ तुम सृजक ब्रह्माण्ड के,अज
शीतला चालीसा ॥ दोहा॥जय जय माता शीतला ,तुमहिं धरै जो ध्यान ।होय विमल शीतल हृदय,विकसै बुद्धी बल ज्ञान ॥ घट-घट
धन्वंतरी चालीसा दोहा करूं वंदना गुरू चरण रज, ह्रदय राखी श्री राम।मातृ पितृ चरण नमन करूँ, प्रभु कीर्ति करूँ बखान
श्री परशुराम चालीसा दोहा श्री गुरु चरण सरोज छवि, निज मन मंदिर धारि।सुमरि गजानन शारदा, गहि आशीष त्रिपुरारि॥ बुद्धिहीन जन
वामन चालीसा दोहा जय वामन भगवान प्रभु, विष्णु रूप अवतार।बलि के यज्ञ में पधारे, हरने जग का भार॥ कश्यप-अदिति के
शबरी चालीसा दोहा जय शबरी माता भवानी, भक्तन की रखवाली।राम भक्ति में लीन रहो, तुम हो दीन दयाली॥ भीलनी रूप