विश्वकर्मा चालीसा | Vishwakarma Chalisa
विश्वकर्मा चालीसा दोहा श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं, चरणकमल धरिध्यान। श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण, दीजै दया निधान॥ विश्वकर्मा चालीसा चौपाई […]
विश्वकर्मा चालीसा दोहा श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं, चरणकमल धरिध्यान। श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण, दीजै दया निधान॥ विश्वकर्मा चालीसा चौपाई […]
कुबेर चालीसा दोहा जैसे अटल हिमालय, और जैसे अडिग सुमेर । ऐसे ही स्वर्ग द्वार पे, अविचल खडे कुबेर ॥
झूलेलाल चालीसा दोहा जय जय जल देवता, जय ज्योति स्वरूप । अमर उडेरो लाल जय, झुलेलाल अनूप ॥ झूलेलाल चालीसा
तुलसी चालीसा श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय । जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय ।। तुलसी चालीसा
राम चालीसा आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं। वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं॥ बाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी
श्री भैरव चालीसा दोहा श्री गणपति, गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि माथ।चालीसा वंदन करूँ, श्री शिव भैरवनाथ॥ श्री भैरव
चामुण्डा देवी चालीसा दोहा नीलवरण माँ कालिका रहती सदा प्रचंड। दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुष्ट को दंड॥ मधु
संतोषी माता चालीसा दोहा बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार। ध्यान धरत ही होत नर दुःख सागर से पार॥ भक्तों को
श्री पार्वती चालीसा दोहा जय गिरिराज किशोरी अम्बा, शरण पड़ूँ मैं तोय।करहु कृपा जगदम्बिके, हरहु सकल भय मोय॥ श्री पार्वती
चित्रगुप्त चालीसा दोहा सुमिर चित्रगुप्त ईश को, सतत नवाऊ शीश। ब्रह्मा विष्णु महेश सह, रिनिहा भए जगदीश॥ करो कृपा करिवर