श्री सीता माता चालीसा | Shri Sita Mata Chalisa
श्री सीता माता चालीसा दोहा बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम […]
श्री सीता माता चालीसा दोहा बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम […]
श्री गौरी माँ चालीसा दोहा मन मन्दिर मेरे इन बसों,आरंभ करूं गुणगान।गौरी माँ मातेश्वरी,दो चरणों का ध्यान। पूजन विधि ना
भवानी चालीसा ।। दोहा ।। नमो नमो जय नमो भवानी। करुणा सिंधु दया की खानि।। ।। चालीसा प्रारंभ ।। जय
गंगा चालीसा दोहा जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग । जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग ॥
कैला देवी चालीसा दोहा जय जय कैला मात हे तुम्हे नमाउ माथ। शरण पडूं में चरण में जोडूं दोनों हाथ॥
विन्ध्येश्वरी चालीसा दोहा नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब । सन्तजनों के काज में, करती नहीं विलम्ब ॥ विन्ध्येश्वरी चालीसा
पार्वती चालीसा दोहा जय गिरी तनये दक्षजे शम्भू प्रिये गुणखानि, गणपति जननी पार्वती, अम्बे, शक्ति, भवानि । पार्वती चालीसा चौपाई
राणी सती दादी चालीसा दोहा श्री गुरु पद पंकज नमन, दुषित भाव सुधार I राणी सती सू विमल यश, बरणौ
अन्नपूर्णा चालीसा दोहा विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय । अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय । अन्नपूर्णा चालीसा
नर्मदा चालीसा दोहा देवि पूजित, नर्मदा, महिमा बड़ी अपार। चालीसा वर्णन करत, कवि अरु भक्त उदार॥ इनकी सेवा से सदा,